FUNDAMENTAL OF COMPUTER
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Computer का इतिहास लगभग 3000 वर्ष पुराना है| जब चीन में एक calculation
Machine Abacus का अविष्कार हुआ था यह एक Mechanical Device है जो आज भी
चीन, जापान सहित एशिया के अनेक देशो में अंको की गणना के लिए काम आती थी|
Abacus तारों का एक फ्रेम होता हैं इन तारो में बीड (पकी हुई मिट्टी के
गोले) पिरोये रहते हैं प्रारंभ में Abacus को व्यापारी Calculation करने के
काम में Use किया करते थे यह Machine अंको को जोड़ने, घटाने, गुणा करने तथा
भाग देने के काम आती हैं|
कप्यूटर के इतिहास में 19 वी शताब्दी को
प्रारम्भिक समय का स्वर्णिम युग माना जाता है । अंग्रेज गणितज्ञ Charles
Babbage ने एक यांत्रिक गणना मशीन (Mechanical Calculation Machine) विकसित
करने की आवश्यकता तब महसूस की जब गणना के लिए बनी हुई सारणियों में Error
आती थी चूँकि यह Tables हस्त निर्मित (Hand-set) थी इसलिए इसमें Error आ
जाती थी |
चार्ल्स बैबेज ने सन् 1822 में एक मशीन का
निर्माण किया जिसका व्यय ब्रिटिश सरकार ने वहन किया । उस मशीन का नाम
डिफरेंस इंजिन (Difference Engine) रखा गया, इस मशीन में गियर और साफ्ट लगे
थे । यह भाप से चलती थी । सन् 1833 में Charles Babbage ने Different
Engine का विकसित रूप Analytical Engine तैयार किया जो बहुत ही शक्तिशाली
मशीन थी | बैवेज का कम्प्यूटर के विकास में बहुत बड़ा योगदान रहा हैं ।
बैवेज का एनालिटिकल इंजिन आधुनिक कम्प्यूटर का आधार बना और यही कारण है कि
चार्ल्स बैवेज को कमप्यूटर विज्ञान का जनक कहा जाता हैं |
सन् 1940 में विद्युत यांत्रिक कम्प्यूटिंग (Electrometrical Computing) शिखर पर पहुँच चुकी थी ।IBM के
चार शीर्ष इंजीनियरों व डॉ. हॉवर्ड आइकेन ने सन् 1944 में एक मशीन विकसित
किया यह विश्व का सबसे पहला “विधुत यांत्रिक कंप्यूटर” था और इसका official Name– Automatic Sequence Controlled Calculator रखा
गया। इसे हार्वर्ड विश्वविद्यालय को सन् 1944 के फरवरी माह में भेजा गया
जो विश्वविद्यालय में 7 अगस्त 1944 को प्राप्त हुआ | इसी विश्वविद्यालय में
इसका नाम मार्क- I पड़ा| यह 6 सेकंड में 1 गुणा व 12 सेकंड में 1 भाग कर सकता था|
सन् 1945 में एटानासोफ़ (Atanasoff) तथा क्लोफोर्ड बेरी (Clifford berry) ने
एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन का विकास किया जिसका नाम ए.बी.सी.(ABC) रखा गया| ABC
शब्द Atanasoff Berry Computer का संक्षिप्त रूप हैं | ABC सबसे पहला
इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर (Electronic Digital Computer) था |
LIMITATIONS OF COMPUTER
Computer एक Machine है| इसका कार्य User द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करना है Computer किसी भी स्थिति में न तो निर्देशों से अधिक और न ही इससे कम कार्य करता है Computer एक बिलकुल मुर्ख नौकर की तरह कार्य करता है इसे यदि आप कहे की जाओ और बाजार से सब्जी खरीद लो ऐसा निर्देश देने पर वह बाजार जायेगा और सब्जी भी ख़रीदेगा परन्तु सब्जी लेकर घर तक कभी नहीं लौटेगा | यहाँ प्रश्न उठता है- क्यों? इसका सीधा उत्तर है कि उससे आपने सब्जी खरीदने को अवश्य कहा पर उसे घर लाने को नहीं कहा | इसका अर्थ यह है कि Computer के अंदर सामान्य बोध नहीं होता हैं|
Computer चाहे कितना शक्तिशाली क्यों न हो परन्तु उसका नियंत्रण मानव के पास ही होता है Computer किसी भी प्रकार से आत्मरक्षा नहीं कर सकता है उदाहरण के लिए श्याम नामक किसी व्यक्ति ने एक ई-मेल अकाउंट बनाया तथा एक विशेष पासवर्ड उसने Account खोलने के लिए चुना | Computer यह नहीं देखता कि उस Account को खोलने वाला श्याम ही है या नहीं बल्कि वह देखता है कि Password क्या हैं|
Computer में निर्णय लेने की क्षमता नहीं होती है क्योकि Computer एक बुद्धिमान मशीन नहीं है यह सही या गलत कि पहचान नहीं कर पाती है|
BASIC COMPONENTS OF COMPUTER
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1. Input Device -
Input Device वे Device होते है जिनके द्वारा हम अपने डाटा या निर्देशों को Computer में Input करा सकते हैं| Computer में कई Input Device होते है ये Devices Computer के मस्तिष्क को निर्देशित करती है की वह क्या करे? Input Device कई रूप में उपलब्ध है तथा सभी के विशिष्ट उद्देश्य है टाइपिंग के लिये हमारे पास Keyboard होते है, जो हमारे निर्देशों को Type करते हैं|
“Input Device वे Device है जो हमारे निर्देशों या आदेशों को Computer के मष्तिष्क, सी.पी.यू. (C.P.U.) तक पहुचाते हैं|”
Input Device कई प्रकार के होते है जो निम्न प्रकार है –
- Keyboard
- Mouse
- Joystick
- Trackball
- Light pen
- Touch screen
- Digital Camera
- Scanner
- Digitizer Tablet
- Bar Code Reader
- OMR
- OCR
- MICR
- ATM etc.
2. CPU -
C.P.U का पूरा नाम सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) हैं| इसका हिंदी नाम केन्द्रीय संसाधन इकाई होता हैं| यह Computer का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं| अर्थात इसके बिना Computer सिस्टम पूर्ण नहीं हो सकता है, इससे सभी Device जुड़े हुए रहते है जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor आदि | इसे Computer का मष्तिस्क (Mind) भी कहते है| इसका मुख्य कार्य प्रोग्राम (Programs) को क्रियान्वित (Execute) करना है इसके आलावा C.P.U Computer के सभी भागो, जैसे- Memory, Input, Output Devices के कार्यों को भी नियंत्रित करता हैं|
C.P.U (Central Processing Unit) के तीन भाग होते है –
- A.L.U.
- Memory
- C.U.
(a) A.L.U (Arithmetic Logic Unit):-
एरिथ्मेटिक एवं लॉजिक यूनिट को संक्षेप में A.L.U कहते हैं| यह यूनिट डाटा पर अंकगणितीय क्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) और तार्किक क्रियायें (Logical operation) करती हैं| A.L.U Control Unit से निर्देश लेता हैं| यह मेमोरी (memory) से डाटा को प्राप्त करता है तथा Processing के पश्चात सूचना को मेमोरी में लौटा देता हैं| A.L.U के कार्य करने की गति (Speed) अति तीव्र होती हैं| यह लगभग 1000000 गणनाये प्रति सेकंड (Per Second) की गति से करता हैं| इसमें ऐसा इलेक्ट्रॉनिक परिपथ होता है जो बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic) की गणनाएँ करने में सक्षम होता हैं|
(b) Memory:-
यह Input Device के द्वारा प्राप्त निर्देशों को Computer में संग्रहण (Store) करके रखता है इसे Computer की याददाश भी कहाँ जाता है| मानव में कुछ बातों को याद रखने के लिये मष्तिस्क होता है, उसी प्रकार मेमोरी (Memory) हैं| यह मेमोरी C.P.U का अभिन्न अंग है, यह एक संग्राहक उपकरण (Storage Device) हैं| अतः इसे Computer की मुख्य मेमोरी (Main memory), आंतरिक मेमोरी (Internal Memory), या प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) भी कहते हैं|
“Computer का वह स्थान जहाँ सभी सूचनाओ, आकडों या निर्देशों को Store करके रखा जाता है मेमोरी कहलाती हैं|”
(c) C.U.:-
C.U. का पूरा नाम कंट्रोल यूनिट (Control Unit) होता हैं| C.U. हार्डवेयर कि क्रियाओ को नियंत्रित और संचालित करता हैं| यह Input, Output क्रियाओ को नियंत्रित (Control) करता है साथ ही Memory और A.L.U. के मध्य डाटा के आदान प्रदान को निर्देशित करता है यह प्रोग्राम (Program) को क्रियान्वित करने के लिये निर्देशों को मेमोरी से प्राप्त करता हैं| निर्देशों को विधुत संकेतों (Electric Signals) में परिवर्तित करके यह उचित डीवाइसेज तक पहुचता हैं|
3.- OUTPUT DEVICE-
Output Device वे Device होते है जो User द्वारा इनपुट किये गए डाटा को Result के रूप में प्रदान करते हैं |
Output Device के द्वारा कंप्यूटर से प्राप्त परिणामो (Result) को प्राप्त किया जाता है इन परिणामों को प्राय: डिस्प्ले डीवाइसेज (स्क्रीन) या प्रिंटर के द्वारा User को प्रस्तुत किया जाता हैं| मुख्य रूप से Output के रूप में प्राप्त सूचनाएं या तो हम स्क्रीन पार देख सकते है या प्रिंटर से पेज पर प्रिंट कर सकते है या संगीत सुनने के लिये आउटपुट के रूप में स्पीकर का उपयोग कर सकते हैं, Output Device कई प्रकार के होते है जैसे-
- Monitor
- Printer
- Plotter
- Projector
- Sound Speaker
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